
निवाड़ी। कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे के निर्देशन एवं परमार्थ समाज सेवा संस्था के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत चुरारा, बहेरा एवं मथुरापुरा में जल सहेलियों द्वारा पेयजल गुणवत्ता को लेकर सराहनीय कार्य किया जा रहा है। जल सहेलियां गांव-गांव एवं घर-घर जाकर FTK (फील्ड टेस्टिंग किट) के माध्यम से जल स्रोतों का परीक्षण कर रही हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के महत्व से अवगत करा रही हैं।
जल सहेलियों ने समुदाय के लोगों को दूषित पेयजल से होने वाली बीमारियों—जैसे डायरिया, टाइफाइड, पीलिया सहित अन्य जलजनित रोगों—के दुष्परिणामों की जानकारी दी। साथ ही स्वच्छ पेयजल के उपयोग, जल स्रोतों को दूषित होने से बचाने तथा घरेलू स्तर पर पानी की शुद्धता बनाए रखने के उपायों को भी विस्तार से समझाया गया।
इस दौरान जल सहेलियों ने घर-घर जाकर संदेश दिया कि पानी को साफ एवं ढके हुए बर्तनों में संग्रहित करें, जल स्रोतों के आसपास गंदगी न फैलाएं तथा हैंडपंप व नलों की नियमित सफाई करें। इस पहल से ग्रामीणों में पेयजल को लेकर जागरूकता बढ़ी है और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई है।
ग्रामीणों ने जल सहेलियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जल परीक्षण के माध्यम से उन्हें अपने क्षेत्र के पानी की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिली है। यह पहल न केवल गांवों को स्वस्थ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व को भी सशक्त कर रही है।
परमार्थ समाज सेवा संस्था के सहयोग से संचालित यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।






